भैरव की आरती | Bhairav Ki Aarti

ऊँ जय भैरव देवा… (x2)
तुम ही पाप उद्धारक, दुख सिन्धु तारक |
भक्तों से सुखकारक, भीषण वपु धारक ||
ऊँ जय भैरव देवा…
वाहन श्वान विराजत, कर त्रिशूल धारी |
महिमा अमित तुम्हारी, जय जय भयहारी ||
ऊँ जय भैरव देवा…
तुम बिन शिव की सेवा, सफल नहीं होवे |
चतुर्वतिका दीपक, दर्शन दुःख खोवे ||
ऊँ जय भैरव देवा…
तेल चटकी दधि मिश्रित, माषवली तेरी |
कृपा कीजिये भैरव, करो नहीं देरी ||
ऊँ जय भैरव देवा…


पाँवों घुंघरू बाजत, डमरू डमकावत |
बटुकनाथ बन बालक, जन मन हरषावत ||
ऊँ जय भैरव देवा…
श्री भैरव की आरती, जो कोई जन गावे |
सो नर जग में निश्चित, मन वांछित फल पावे ||
ऊँ जय भैरव देवा…
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा |
सुर नर मुनि सब करते, प्रभु तुम्हरी सेवा ||
ऊँ जय भैरव देवा… (x2)

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